उत्तराखंड के चर्चित विधायक के फार्म हाउस पर CRPF के इंस्पेक्टर, हेड कांस्टेबल, यूपी पुलिस के दरोगा और सिपाही ने किया गैंगरेप

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यूपी के अमरोहा से सनसनी खेज खबर सामने आई है, जहां एक 23 वर्षीय युवती के साथ उत्तराखंड के विधायक के फार्म हाउस में यूपी पुलिस के दरोगा संजय तोमर, कांस्टेबल प्रमोद, असम में तैनात सीआरपीएफ के इंस्पेक्टर लालाराम यादव व‌ दिल्ली में तैनात सीआरपीएफ के हेड कांस्टेबल मोहित निवासी मुजफ्फरनगर ने झुलपुरी स्थित एक फार्म हाउस में रेप की वारदात को अंजाम दिया, खबर के सामने आने के बाद यूपी से लेकर उत्तराखंड में हड़कंप मच गया। घटना 22 सितंबर की रात की बताई जा रही है, जब युवती सोनीपत से ब्रेजा कार में अपने परिचित मोहित (बताया जा रहा है मोहित से युवती की पहचान युवती की एक महिला दोस्त ने करवाई थी) के साथ बैठकर मेरठ होते हुए हसनपुर पहुंची। बीच में मोहित ने सीआरपीएफ के इंस्पेक्टर लालराम यादव को भी कार में बैठा लिया और हसनपुर कोतवाली के बाहर से सादे कपड़ों में यूपी पुलिस के दरोगा संजय तोमर भी कार में सवार हो गए, इसके बाद अमरोहा के फार्म हाउस में दो कमरे बुक किए गए थे, यूपी पुलिस का हेड कांस्टेबल प्रमोद (जो कि मुजफ्फरनगर के फुगाना थाना क्षेत्र के खेड़ा मस्तान गांव का रहने वाला है) चारों के लिए शराब और मुर्गा लेकर आया, इसके बाद चारों ने शराब पार्टी की और बगल में ही युवती के कमरे में जबरन घुसकर बारी बारी से उसके साथ शारीरिक संबंध बनाएं। जैसे ही प्रमोद दुष्कर्म करने के लिए पहुंचा तो युवती ने हिम्मत दिखा कर धक्का देकर अंदर से कुंडी बंद कर ली। युवती ने तहरीर में ये भी बताया है कि उसने ऑनलाइन नंबर सर्च कर यूपी पुलिस से मदद मांगी और घटना की जानकारी पुलिस को दी, 23 तारीख की सुबह तक पुलिस इस मामले को दबाने का प्रयास करती रही, लेकिन दबाव बढ़ने के साथ ही शाम को 4:00 बजे के आसपास पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर चारों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अमरोहा के एसपी लाखन सिंह यादव ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि युवती का मेडिकल परीक्षण कर लिया गया है, चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा। जिस फार्म हाउस में युवती के साथ दुष्कर्म हुआ वो उत्तराखंड के एक चर्चित विधायक का बताया जा रहा है। गिरफ्तार आरोपियों में सीआरपीएफ दिल्ली पांचवीं बटालियन का हेड कॉन्स्टेबल मोहित, असम की 156वीं बटालियन के इंस्पेक्टर लालाराम यादव, हसनपुर कोतवाली के दरोगा संजय तोमर और सिपाही प्रमोद शामिल है।

हैवानियत के बाद खड़े हुए सवाल!

खाकी को शर्मसार कर देने वाली इस घटना के बाद कुछ बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं, जिस वक्त इस वारदात को अंजाम दिया गया, क्या फार्म हाउस में काम करने वाले किसी भी कर्मचारी को इसकी भनक नहीं लगी और यदि भनक लगी थी तो फिर पुलिस को इसकी सूचना क्यों नहीं दी गई या फिर युवती को चंगुल से बचाने का प्रयास क्यों नहीं किया गया? वहीं अब सारी नजरे यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर हैं जो बुलडोजर बाबा के नाम से जाने जाते हैं, क्या इस घटना में गिरफ्तारी के बाद फार्म हाउस पर बुलडोजर एक्शन दिखाई देगा? ये आने वाला वक्त ही बताएगा।