हरिद्वार 21 सितंबर 2026। सामाजिक कार्यकर्ता मनोज निषाद और मुस्कान चौधरी के नेतृत्व में सांकेतिक धरना और हस्ताक्षर अभियान किया गया हैं जिसमें सबसे पहले चल रही कक्षाओं के छात्र छात्राओं ने कक्षाओं का बहिष्कार करके धरना प्रदर्शन एवं हस्ताक्षर अभियान को सफल बनाने में अहम योगदान दिया गया।
मनोज निषाद ने बताया कि पूर्व में सिटी मजिस्ट्रेट हरिद्वार के माध्यम से राज्यपाल और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा था, इसी के साथ प्राचार्य राजकीय महाविद्यालय भूपतवाला के माध्यम से विश्वविद्यालय ज्ञापन भेजा गया था, जिसपर कोई संज्ञान नहीं लिया गया हैं। मजबूरन छात्र छात्राएं आंदोलन को मजबूर हुए हैं।
राजकीय महाविद्यालय भूपतवाला, हरिद्वार में धरना प्रदर्शन के दौरान छात्र-छात्राओं की समस्याओं को लेकर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा और महाविद्यालय परिसर में लगभग एक घंटे तक विश्वविद्यालय की गड़बड़ियों के खिलाफ लगातार नारे बाजी होती रही धरने प्रदर्शन के दौरान 11 सूत्रीय मांगो को लेकर चर्चा भी की गई हैं उपस्थित छात्र छात्राओं ने एक सुर में 11 सूत्रीय मांगो को पूरा करवाने की मांग की और हस्ताक्षर करके मजबूती से आवाज को बुलंद किया गया हैं।
राज्यपाल और कुलपति को भेजा 11 सूत्रीय ज्ञापन
प्रदर्शन के बाद प्राचार्य राजकीय महाविद्यालय भूपतवाला के माध्यम से माननीय राज्यपाल महोदय उत्तराखंड देहरादून एवं माननीय कुलपति महोदय, श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय, टिहरी गढ़वाल को 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा गया हैं
ज्ञापन में उठाई गई प्रमुख 11 मांगें:
राजकीय महाविद्यालय भूपतवाला वर्तमान में जर्जर भवन में संचालित हो रहा है, छात्र छात्राओं की सुरक्षा को देखते हुए इसे मूलभूत सुविधाओं के साथ सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाएं जंगली जानवरों और जर्जर भवन की छत दीवार गिरने का खतरा बना रहता हैं बरसात के दौरान छत टपकती हैं
राजकीय महाविद्यालय भूपतवाला के जिन छात्र-छात्राओं ने NSS (राष्ट्रीय सेवा योजना) की परीक्षा उत्तीर्ण की है, उनके प्रमाण-पत्र अतिशीघ्र जारी किए जाएं परीक्षा पूर्ण होने के बाद भी बच्चों को प्रमाणपत्र नहीं दिए गए हैं जिससे बच्चें काफी नाराज हैं।
परीक्षा परिणाम में होने वाली त्रुटि/गड़बड़ी के लिए संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों की जवाबदेही तय कर निलंबन, जुर्माना एवं दंडात्मक कार्रवाई जैसे कठोर नियम बनाए जाएं जवाबदेही तय होने के बाद ही विश्विद्यालय स्तर पर गड़बड़ी होना बंद हो पायेगा।
उत्तर-पुस्तिका पुनर्मूल्यांकन (Rechecking) शुल्क ₹2500 से घटाकर ₹150 किया जाए तथा समय-सीमा की बाध्यता समाप्त की जाए क्योंकि सरकारी महाविद्यालय विश्वविद्यालय में जरूरतमंद बच्चे भी पढ़ते हैं जो पढ़ाई के साथ साथ पारिवारिक जिम्मेदारियों को उठाते हैं 2500 शुल्क लिया जाना छात्र छात्राओं के हितों का हनन हैं
किसी भी छात्र-छात्रा द्वारा की गई शिकायत का निस्तारण 7 दिवस के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाए इसकी शिकायत पर हो रही कार्यवाही के बारे में बताया जाएं
सूचना का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत आवेदन करने वाले छात्रों को उनकी उत्तर-पुस्तिका की छायाप्रति समय पर उपलब्ध करवाई जाए जिससे समय रहते बच्चें रिचेकिंग या परीक्षा परिणाम में सुधार करवा सकें।
परीक्षा परिणाम में ‘AB’ (Absent) दिखाकर अनुत्तीर्ण किए गए छात्रों के परिणामों की जांच कर उन्हें अतिशीघ्र सही किया जाए बच्चें प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी ओर आगे की शिक्षा प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2022 के दिशा-निर्देशों को पूर्ण रूप से लागू कर 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले छात्रों को उत्तीर्ण घोषित किया जाए जिससे बच्चों को उनका अधिकार मिल सकें।
उत्तर पुस्तिका रिचेकिंग की समयसीमा की बाध्यता समाप्त की जाए कॉपी को नष्ट किया जाना दर्शाता हैं कि विश्वविद्यालय स्तर पर काफी गड़बड़ियां हो रही हैं
परीक्षा परिणाम लीक मामले में शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग देहरादून के छात्र अंकित की शिकायत पर SIT गठित कर जांच एवं कार्यवाही की जाए क्योंकि भ्रष्टाचार से जुड़ा मामला होने के कारण निष्पक जांच ओर कार्यवाही जरूरी हैं।
राजकीय महाविद्यालय भूपतवाला हरिद्वार के छात्र संघ चुनाव जल्द से जल्द करवाए जाएं जिससे छात्र छात्राओं को महाविद्यालय के लिए छात्रहित में आवाज उठाने में आसानी रहे।
प्रमुख लोगों का मिला समर्थन
धरना प्रदर्शन एवं हस्ताक्षर अभियान में छात्र नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने छात्रों की मांगों का समर्थन किया। समर्थन देने वालों में प्रमुख रूप से वरिष्ठ छात्र नेता कपिल शर्मा जौनसारी, छात्र नेता रितेश शर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता सोमित डे तथा श्री रामलीला समिति के अध्यक्ष अमित गुप्ता विशेष रूप से उपस्थित रहे।
छात्र नेताओं के तीखे बयान
सामाजिक कार्यकर्ता मनोज निषाद ने कहा अगर हमारी मांगे नहीं मानी गई तो मजबूरन राजकीय महाविद्यालय भूपतवाला से सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय हरिद्वार या महाविद्यालय से मुख्यमंत्री आवास तक पैदल मार्च करना पड़ेगा जिसके जिम्मेदार विश्वविद्यालय और उत्तराखंड सरकार होगी क्योंकि पूर्व में अप्लिकेशन ज्ञापन दिए जा चुके हैं।
मुस्कान चौधरी ने कहा महाविद्यालय की छात्राएं मानसिक रूप से परेशान हैं। दिन-रात पढ़ाई कर परीक्षा में अच्छे नंबर लाने वाली छात्राओं के परीक्षा परिणाम में विश्वविद्यालय स्तर पर गड़बड़ियां की जा रही हैं, जो बच्चों के भविष्य के लिए सबसे ज्यादा घातक है।
मानसी श्रीवास्तव ने कहा परीक्षा परिणाम में गड़बड़ी रोकने के लिए सरकार को मजबूत कानून बनाकर लागू करना चाहिए। विश्वविद्यालय स्तर पर गड़बड़ी करने वालों पर निलंबन, जुर्माना और जेल जैसे कठोर प्रावधान बनाए जाएं ताकि जवाबदेही तय हो सके।
आदित्य छात्र नेता ने कहा महाविद्यालय और विश्वविद्यालय की गड़बड़ी सीधे तौर पर छात्र-छात्राओं के हितों का हनन कर रही है, इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रदर्शन में ये रहे शामिल
इस ऐतिहासिक प्रदर्शन में मुख्य रूप से मुस्कान चौधरी, आशीष कुमार, मानसी श्रीवास्तव, आदित्य पांडेय, मानसी गोयल, कोमल यादव, पायल सैनी, तानिया पाल, आदर्श गोयल, अंशु शर्मा सहित तमाम छात्र-छात्राएं मौजूद रहे
