भगवान शिव की भक्ति का महीना है सावन – महामंडलेश्वर विज्ञानानंद सरस्वती

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हरिद्वार 21 अगस्त 2026। पवित्र सावन मास जारी है और ऐसे में धर्म नगरी हरिद्वार विशेष महत्व है। भक्तों को संबोधित करते हुए निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर विज्ञानानंद सरस्वती ने सावन के महत्व के बारे में बताते हुए कहा कि सावन को हिंदू धर्म में सबसे पवित्र महीनों में से एक माना जाता है। ये सिर्फ बारिश का महीना नहीं है, बल्कि भक्ति, प्रेम और प्रकृति का महीना है।

उन्होंने बताया कि सावन पूरा महीना भगवान शिव को समर्पित है। मान्यता है कि समुद्र मंथन के समय निकला विष पीने के बाद शिव जी के शरीर में गर्मी बढ़ गई थी। तब देवताओं ने उन्हें ठंडा करने के लिए जल चढ़ाया। इसीलिए सावन में शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र चढ़ाने की परंपरा है।

कावड़ यात्रा के महत्व के बारे में उन्होंने कहा कि सावन में हरिद्वार, ऋषिकेश, गंगोत्री में लाखों कावड़ियों का मेला लगता है। भक्त गंगा जल लेकर पैदल चलकर शिव मंदिरों में जलाभिषेक करते हैं। हरिद्वार का हर की पौड़ी सावन में शिवमय हो जाती है। ऐसे में जो शिव भक्त भगवान शिव से सच्चे मन से मन्नत मांगते हैं तो उनकी मन्नत जरूर पूरी होती है।

उन्होंने कहा कि सावन के महीने में शिवलिंग पर रोज सुबह तांबे के लोटे से जल चढ़ाएं, जल में गंगाजल, दूध, शहद, दही, घी मिलाकर “पंचामृत” से अभिषेक करे। हरिद्वार में हैं तो गंगा जल लाकर शिव मंदिर में चढ़ाना सबसे फलदायी है, महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। अंत में भगवान शिव की व्याख्या करते हुए उन्होंने बताया कि शिव जी भोलेनाथ हैं। वो आडंबर नहीं, सच्चा भाव देखते हैं। एक लोटा जल और सच्चे मन से “ॐ नमः शिवाय” भी काफी है।