उत्तरकाशी। उत्तरकाशी से बड़ी खबर सामने आ रही है जहां जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण ने देहरादून में सरकार की ओर से उनके खिलाफ की गई कार्रवाई पर करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि वो इस पूरे मामले को लेकर न्यायालय की शरण में जाएंगे उन्हें पूरा भरोसा है कि न्यायालय से उनको पूरी राहत मिलेगी।
जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण ने कहा कि अध्यक्ष का पद कोई बाबू या चपरासी का पद नहीं है। जब चाहे उसको हटा दिया, जब चाहे रख लिया। मुझे अध्यक्ष पद जनता ने दिया है और जनता जब तक चाहेगी, मैं अध्यक्ष पद पर बना रहूंगा। उन्होंने कहा कि मैं सरकार के इस आदेश को नहीं मानता हूं।
दीपक बिजल्वाण ने सरकार के आदेश को पूरी तरह से कानून के खिलाफ बताया है और कहा कि सरकार ने राजनीतिक बदले की भावना से उनके खिलाफ यह कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ जो जांच की गई थी वह भी भाजपा सरकार के पहले मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के कार्यकाल में शुरू हुई और क्लीनचिट भी भाजपा सरकार ने ही दी।
दीपक ने कहा कि इस जांच की कार्रवाई पहले डीएम से कराई गई थी और उसके बाद उच्च स्तरीय जांच गढ़वाल कमिश्नर से कराई गई। जिसके बाद गढ़वाल कमिश्नर ने उनको अपनी जांच में क्लीनचिट दी। जिसमें साफ तौर पर कहा गया कि गड़बड़ी में जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण की कोई भूमिका नहीं है।
इसी पूरे प्रकरण में कोर्ट में सुनवाई के दौरान भी शासन की ओर से यह कहा गया कि जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण निर्दोष हैं। इसके बाद एक और याचिका जांच के लिए दायर की गई थी। जिसमें कोर्ट से सरकार से इस मामले में जवाब मांगा गया, तो बाकायदा मुख्य सचिव उत्तराखंड ने एफिडेविट देखकर दीपक को क्लीनचिट दी।
उन्होंने एफिडेविट में दीपक बिजल्वाण की ना तो कोई भूमिका है और ना ही किसी तरह की एसआईटी जांच की जरूरत है। शासन ने यह भी कहा था कि इस मामले में कमिश्नर की जांच के बाद कोई दूसरी जांच कराने का कोई औचित्य और जरूरत महसूस नहीं होती।
लेकिन, कुछ दिन पहले ही दीपक के कांग्रेस में शामिल होने के बाद अचानक उनको पद से हटाने का आदेश जारी कर दिया जाता है, जिससे राजनीति भी गरमा गई है। कांग्रेस ने सरकार पर राजनीतिक भावना से कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। और कांग्रेस का कहना है किस तरह से सरकार आचार संहिता से ठीक पहले जो कार्रवाई की है। वह कानून तो गलत है ही। साथ ही यह भी साबित करती है कि तरह से सरकार बदले की भावना से कार्रवाई करती है।
जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा को यह लगने लगा है कि इस बार उत्तरकाशी जिले कि तीनों सीटें उनके हाथों से जाने वाली हैं। इसलिए बदले की भावना से उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। दीपक ने कहा कि जनता पहले ही तय कर चुकी है कि आने वाली 2022 चुनाव में भाजपा को सत्ता से खदेड़ना है।