4 साल की राजनीतिक आपदा के बाद मिला आपदा प्रबंधन, धामी कैबिनेट में सुबोध का बड़ा कद, धन सिंह रावत को लगा झटका, किस मंत्री को मिले कौन से विभाग?

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 4 वर्ष के बाद आखिरकार अपने कैबिनेट का विस्तार कर दिया। वहीं कैबिनेट विस्तार के बाद अब सबकी निगाहें मंत्रियों को कार्यभार वितरण पर टिकी हुई थी। रविवार को मुख्यमंत्री धामी ने इसकी कसर भी पूरी कर दी। हालांकि आपको बताएं तो इसमें पूर्व में तीन बार कैबिनेट मंत्री रहे और वर्तमान में पांच बार के विधायक मदन कौशिक व उनके समर्थकों को मायूसी हाथ लगी है, राजनीति गलियारों में यह चर्चा थी कि मदन कौशिक जैसे वरिष्ठ नेता को भारी भरकम विभाग दिया जाएगा, लेकिन अंतत उन्हें पंचायती राज, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास, आयुष एवं आयु शिक्षा, पुनर्गठन और जनगणना मंत्रालय दिया गया है। इसके बाद सोशल मीडिया पर यह मामला चर्चा का विषय बन गया है कि मदन कौशिक को मंत्री तो बनाया गया, लेकिन क्या बेमन से ये मंत्रालय उनको दिए गए हैं! क्योंकि मदन कौशिक के समर्थक कैबिनेट मंत्री बनने के बाद से ही यह आस लगाए बैठे थे कि उन्हें शहरी विकास या वित्त और आबकारी विभाग जैसे भारी भरकम विभाग से नवाजा जाएगा। दूसरी तरफ बात करें हरिद्वार के रुड़की से ही कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा की तो वह पहली बार मंत्री बने और उन्हें परिवहन सूचना प्रौद्योगिकी एवं सुराज, विज्ञान प्रौद्योगिकी तथा जैव प्रौद्योगिकी का मंत्रालय दिया गया है. वही सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि भीमताल से विधायक राम सिंह कैड़ा जिनको कैबिनेट में शामिल किया गया है, उन्हें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शहरी विकास मंत्रालय देकर सबको चौंका दिया साथ ही उनको पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन वह जलागम प्रबंधन का मंत्रालय दिया गया है। देहरादून के राजपुर सेवरिष्ठ भाजपा विधायक खजान दास को समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, छात्र कल्याण एवं भाषा मंत्रालय दिया गया है। वही बात करें भारत सिंह चौधरी की तो उन्हें ग्राम में विकास लघु एवं सूक्ष्म मध्यम उद्यम तथा खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग दिया गया है। आपको बता दे की ग्राम्य विकास विभाग पहले कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के पास था जिसे अब उनसे यह विभाग हटा दिया गया है। साथ ही आपको इसमें एक और चौंकाने वाली बात बताएं तो मुख्यमंत्री बनने का सपना देख रहे हैं कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत का कद भी घटाया गया है, उनसे स्वास्थ्य विभाग तथा स्वास्थ्य शिक्षा हटाकर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल को यह विभाग दिया गया है। यानी कि कह सकते हैं कि धामी कैबिनेट में सुबोध उनियाल का कद बढ़ गया है। वही अभी भी कई मुख्य विभाग सीएम धामी के पास ही है।